- कारगिल विजय दिवस पर टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स का विशेष कार्यक्रम
- Shimmer Gowns to Lavender Ethnics: Triptii Dimri Serves a Blend of Traditional and Modern Fashion
- Pooja Hegde Shares Wholesome BTS Clicks with Thalapathy Vijay as Jana Nayagan Releases, Pens ‘One Last Time’
- Bhumi Satish Pednekkar Requests Sonam Wangchuk to End his Indefinite Fast, Says "Your concerns have resonated with people across the country, and we are beginning to see progress"
- प्रोफेशनल हेयर स्टाइलिस्ट बनने का सपना होगा पूरा
डॉ. अतुल मलिकराम की अध्यक्षता में ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने प्रदेश स्तर पर मनाई बाबा साहेब की जयंती
इंदौर, अप्रैल 2026: ऑल इंडिया एससी, एसटी, ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन द्वारा नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष, राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय डॉ. आंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन किया गया। जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. मलिकराम का यह पहला बड़ा प्रदेशव्यापी कार्यक्रम था, जिसमें संगठन की एकजुटता और सेवा भाव की झलक देखने को मिली।
जयंती के अवसर पर फेडरेशन द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इंदौर के गीताभवन चौराहा स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आमजन और जरूरतमंदों के बीच फल वितरित कर हर्षोल्लास के साथ इस दिन को मनाया। संगठन के पदाधिकारियों ने इस दिन को समानता पर्व के रूप में मनाते हुए उनके संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अतुल मलिकराम ने बाबा साहेब के आदर्शों पर बल देते हुए कहा कि, “कोई भी संगठन बिना बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात किए आगे नहीं बढ़ सकता। आज भी यदि समाज में किसी भी स्तर पर असमानता दिखाई देती है, तो उसका मुख्य कारण बाबा साहेब के विचारों को पूर्णतः आदर्श न मानना है। हमें उनके शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के मूल मंत्र को जीवन में उतारना होगा।”
डॉ. मलिकराम की नियुक्ति के बाद फेडरेशन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल समाज में समरसता का संदेश देना था, बल्कि पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को एक मंच पर लाना भी था। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में फेडरेशन के कार्यकर्ता और नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिन्होंने डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने की शपथ ली।


